
Kalguksu Recipe: कोरियन नूडल सूप के 2 मज़ेदार वर्जन
विषय-सूची
17 आइटम
Daejeon में दोस्त के साथ कलगुक्सू खाने वाला वो दिन
एक पतझड़ की शाम दोस्त का मैसेज आया - "कलगुक्सू खाने चलें?" Daejeon (कोरिया का एक मिडसाइज़ शहर, जो अपने नूडल सूप के लिए खासा फेमस है) में रहो तो हर मोहल्ले में एक-आध कलगुक्सू की दुकान तो मिल ही जाती है। शहर में सैकड़ों ऐसी दुकानें हैं, और उस दिन दोस्त ने कोई नई जगह बुक कर रखी थी। ऑफिस से निकलते ही सीधा मिलने पहुँच गया। कलगुक्सू दरअसल कोरिया का एक क्लासिक नूडल डिश है - गेहूँ के आटे को पतला बेलकर चाकू से काटे गए ताज़े नूडल्स, फिर गरम शोरबे में उबालकर परोसे जाते हैं। रामेन या तोक्बोक्की जितना फेमस नहीं है, लेकिन कोरिया में रहो तो बार-बार याद आ जाता है। मैंने bajirak kalguksu (क्लैम वाला) मँगाया, दोस्त ने eolkeuni kalguksu (तीखा लाल वाला)। पेट नहीं भरा तो bossam (उबला सूअर का मांस) भी ऐड कर दिया। वो दुकान अब बंद हो चुकी है, पर उस दिन का खाना दिमाग में अटक गया इसलिए लिख रहा हूँ।
कलगुक्सू क्या होता है?
नाम का मतलब
कोरियन में "kal" माने चाकू और "guksu" माने नूडल्स - यानी "चाकू से कटे नूडल्स"। मशीन से नहीं, हाथ से आटा बेलकर चाकू से काटे जाते हैं, यही इसकी खासियत है।
बनाने का तरीका
छोटी मछली (anchovy), क्लैम या चिकन से बनाए गरम शोरबे में ताज़े नूडल्स डालकर तुरंत पकाए जाते हैं। हर दुकान का शोरबा अलग होता है, तो एक ही डिश का स्वाद हर जगह बदल जाता है।
नूडल्स का टेक्सचर
रामेन या उडॉन से मोटे और चबाने वाले होते हैं। आटे का देसी सोंधा स्वाद नूडल में बचा रहता है, तो शोरबे के साथ खाने में अच्छी बाइट मिलती है।
खाने का तरीका
नूडल्स चॉपस्टिक से उठाकर और शोरबा चम्मच से पीते हैं। स्लर्प करके खाना यहाँ बिल्कुल नॉर्मल है - बल्कि कोरिया में इसे ही नैचुरल तरीका माना जाता है।
कीमत
एक बाउल आमतौर पर 7,000 से 10,000 वोन (करीब ₹450 से ₹650) के बीच आता है। हर गली में मिलता है, तो लंच में अकेले भी झटपट खा लेना सस्ता पड़ता है।
मुख्य वर्जन
साफ़ शोरबे वाला bajirak (क्लैम), तीखा लाल eolkeuni (मिर्च पाउडर वाला), चिकन शोरबे वाला dak, और पिसे तिल वाला deulkkae कलगुक्सू - वैराइटी बहुत हैं।
Eolkeuni Kalguksu - लाल शोरबे वाला तीखा नूडल सूप

ये रहा eolkeuni kalguksu। नॉर्मल कलगुक्सू साफ़ शोरबे में उबाले नूडल्स होते हैं, पर इसमें ऊपर से कोरियन रेड चिली पाउडर (gochugaru) का मसाला डालकर तीखा बना दिया जाता है। Gochujang (मिर्च का पेस्ट) डालने वाले jang kalguksu से मिलता-जुलता है, पर हर दुकान अपने हिसाब से मसाला तैयार करती है। फोटो में ही शोरबे का रंग कितना लाल है देख लो। ऊपर से सूखा समुद्री शैवाल (gim) और साबुत भुने तिल खूब सारे डले हैं, और नूडल्स के बीच-बीच से हरी प्याज़, लौकी जैसी चीज़ें झाँक रही हैं। कोरिया में जब कलगुक्सू की दुकान पर जाओ तो मेनू में आमतौर पर नॉर्मल और तीखा वर्जन साथ-साथ रहते हैं, और चुनाव करना पड़ता है। जिसे तीखा पसंद है, वो ज़्यादातर इसी वर्जन पर हाथ रखता है।
शोरबे का रंग और अंदर क्या-क्या है

थोड़ा ज़ूम करके खींची गई फोटो है। लाल शोरबे पर सूखा शैवाल यहाँ-वहाँ बिखरा है और बीच में तो तिल का एक छोटा-सा पहाड़ बना हुआ है। शोरबे का रंग देखकर लगा कि बहुत ज़्यादा तीखा होगा, पर असल में ये सिर्फ़ "तेज़" लेवल का है - ज़बान सुन्न कर देने वाला वाला तीखा नहीं है। नूडल्स शोरबे में डूबे रहते हैं, फिर चॉपस्टिक से उठाओ तो मोटे धागों पर लाल रंग एकदम टिककर ऊपर चढ़ता है - देखने में बड़ा ही मज़ेदार लगता है। अंदर टोफू के टुकड़े, हरी प्याज़, लौकी काफ़ी मात्रा में थी, तो सिर्फ़ शोरबा-नूडल नहीं, खाने को सब्ज़ियाँ भी ठीकठाक थीं।
ऊपर Ssukgat डालकर खाना - Daejeon का अपना स्टाइल

यहाँ मैंने मुट्ठीभर ssukgat (क्रिसेंथेमम की खाने वाली पत्ती, जिसकी महक काफ़ी तेज़ होती है) डाली। Daejeon के तीखे कलगुक्सू में ssukgat खूब सारी डालकर खाना लगभग तय बात है - बिना उसके सूप अधूरा लगता है। लाल शोरबे पर हरी पत्तियाँ बिछ जाएँ तो कॉन्ट्रास्ट एकदम पॉप करता है, और पत्ती को शोरबे में थोड़ा डुबाकर नूडल के साथ खाओ तो तीखे स्वाद के बीच से उसकी खुशबू सीधे नाक में चढ़ती है। मुझे लगता है इसके बिना eolkeuni kalguksu कुछ अधूरा-सा है। दोस्त वैसे ssukgat पसंद नहीं करता, पहले तो बोला "ये क्यों डाला?" - पर शोरबे में मिलाकर खाने के बाद चुपचाप अपने बाउल में भी डालता दिखा। कहानी खत्म।
हाथ से काटे नूडल्स की पहचान

चॉपस्टिक से नूडल्स उठाए तो साफ़ दिखा - हर धागे की मोटाई अलग। कोई गाढ़ा-मोटा, कोई एकदम पतला। कलगुक्सू मशीन से नहीं, इंसान के हाथ से बेले और चाकू से काटे जाते हैं, इसलिए मोटाई में ये ऊँच-नीच रहती ही है। ये खामी नहीं, बल्कि कलगुक्सू की खास पहचान है। एक ही चॉपस्टिक में मोटे नूडल चबाने पर चबाने का मज़ा देंगे, पतले वाले शोरबा सोख लेते हैं - टेक्सचर एक-जैसा होता ही नहीं। लाल शोरबा नूडल्स के बीच फँसकर ऊपर चढ़ता है और ssukgat की पत्तियाँ भी साथ लटकी आती हैं। इसी हाल में स्लर्प करके मुँह में डाल दो - बस।

एक बार सब मिक्स कर देने के बाद की हालत। नूडल और ssukgat शोरबे में मिलकर रंग पहले से और गहरा हो गया। अंडा फूटकर घुला हुआ हल्का-सा दिखता है भी। इस स्टेज पर बस चॉपस्टिक उठाओ और खाओ, और कुछ सोचने की ज़रूरत नहीं।
Bajirak Kalguksu - साफ़ शोरबे वाला हल्का नूडल सूप

मैंने मँगाया था bajirak kalguksu। तीखे वाले के बगल में रखो तो फ़र्क आसमान-ज़मीन का - इसका शोरबा एकदम क्रिस्टल-क्लियर है। Bajirak कोरिया में मिलने वाला एक आम छोटा क्लैम (घोंघा/सीप) है, जिसे खोल समेत शोरबे में डालकर पकाया जाता है, फिर उसी में नूडल्स उबाले जाते हैं। शोरबा खुद क्लैम से बनता है तो उसमें उमामी तो खूब होता है पर स्वाद एकदम हल्का और साफ़-सुथरा लगता है। नूडल्स के बीच-बीच खुले क्लैम के खोल पड़े होते हैं - खाते-खाते एक-एक क्लैम खोलकर अंदर का मांस निकालना अपने आप में एक खेल जैसा मज़ेदार काम है। खोल को चॉपस्टिक से पकड़कर अंदर का नरम हिस्सा निकालो, खाली खोल एक खाली बाउल में इकट्ठा करते रहो। तीखा वाला अगर "धमाकेदार" तरफ़ है, तो bajirak "शांत और सुकूनदायक" तरफ़। एक ही टेबल पर दोनों मँगाकर तुलना करो तो समझ आता है कि एक ही डिश दो बिल्कुल अलग दिशाओं में जा सकती है।
क्लैम का मांस निकालने का अलग ही मज़ा

पास से देखो तो bajirak का साइज़ अच्छा-खासा है। खोल खुलने पर अंदर का मांस नज़र आता है - यही शोरबे में डूबकर पकता है और उसे फ्लेवर देता है। Bajirak कोरिया के पश्चिमी समुद्र तट पर खूब मिलता है, इसलिए महँगा नहीं है और रेस्तराँ वाले इसे दिल खोलकर डाल देते हैं। खाने का तरीका सिंपल है - नूडल्स खाते-खाते जो खोल सामने आए, उसमें से चॉपस्टिक से मांस का टुकड़ा खींच लो। टुकड़ा छोटा होता है, एक चबाने में खत्म, पर स्वाद में हल्की नमकीनपन के साथ समुद्र वाला टैंग सीधे ऊपर आ जाता है। ईमानदारी से कहूँ तो इस मांस से पेट नहीं भरता - असली काम तो ये है कि ये शोरबे में घुलकर उमामी छोड़ता है। नूडल्स खत्म करने के बाद खाली शोरबा चम्मच से पियो, तब फ़र्क साफ़ समझ आता है।

और भी ज़ूम करके खींची फोटो - खुले खोल में बीच वाला मांस एकदम भरा-भरा दिख रहा है। नूडल और क्लैम आपस में लिपटी हुई ये स्टेज bajirak kalguksu का क्लासिक सीन है।
कलगुक्सू का शोरबा खाते-खाते बदलता है

नूडल थोड़े खा चुका हूँ, और शोरबा पहले के मुक़ाबले अब धुंधला हो गया है। नूडल से गेहूँ का स्टार्च छूटकर शोरबे में घुलता है, जिससे गाढ़ापन बढ़ता जाता है - ये कलगुक्सू की ज़रूरी पहचान है। जितना खाओगे उतना शोरबा गाढ़ा होता जाता है, तो शुरू में जो स्वाद था और आखिर में जो है, उनमें साफ़ अंतर आ जाता है।
Bajirak Kalguksu vs Eolkeuni Kalguksu
Bajirak Kalguksu (क्लैम वाला)
शोरबा
Bajirak (क्लैम) को खोल समेत उबालकर बनाया साफ़-सुथरा शोरबा
स्वाद
हल्का और सुकूनदायक। क्लैम का उमामी पूरे शोरबे में फैला रहता है
तीखापन
ज़ीरो। जो तीखा नहीं खाते, उनके लिए परफ़ेक्ट है
अंदर क्या है
क्लैम के खोल, लौकी, हरी प्याज़। एक-एक क्लैम खोलकर खाने का अपना मज़ा
शोरबा कैसे बदलता है
नूडल से स्टार्च छूटने पर खाते-खाते शोरबा धुंधला और गाढ़ा होता जाता है
Eolkeuni Kalguksu (तीखा वाला)
शोरबा
Anchovy या क्लैम शोरबे में मिर्च पाउडर का मसाला डालकर लाल रंग का गाढ़ा शोरबा
स्वाद
तीखा और तेज़। ज़बान सुन्न करने वाला नहीं - उमामी के ऊपर तीखापन चढ़ता है
तीखापन
मीडियम। कोरियन खाने में हल्का गिना जाता है, पर तीखे के आदी नहीं हो तो महसूस होगा
अंदर क्या है
टोफू, लौकी, हरी प्याज़, अंडा। ऊपर से ssukgat डालो तो खुशबू का एक और लेयर आ जाता है
शोरबा कैसे बदलता है
शुरू से ही गाढ़ा होता है, तो खाते वक्त स्वाद में कुछ खास बदलाव नहीं आता
ज़्यादातर दुकानों में दोनों वर्जन एक साथ मिलते हैं, तो किसी के साथ जाओ तो एक-एक मँगाकर तुलना करना सबसे बढ़िया है।
कलगुक्सू से Bossam तक - पेट नहीं भरा तो साइड ऐड

दो आदमी ने एक-एक बाउल कलगुक्सू खाया, पर ईमानदारी से कहूँ तो पेट आधा भरा था। कुछ कलगुक्सू की दुकानें सिर्फ़ नूडल बेचती हैं, पर कई जगह bossam या suyuk जैसे मांस वाले साइड भी रखे जाते हैं। दोस्त ने मेनू देखकर बोला "अरे, bossam भी है" और फटाफट एक प्लेट ऑर्डर कर दी। Bossam कोरियन स्टाइल का उबला सूअर का मांस है - पूरे टुकड़े को सालिम उबालकर पतली स्लाइसों में काटते हैं, फिर kimchi या सलाद पत्ते में लपेटकर खाते हैं। टेबल पर bossam की प्लेट रखी तो पूरा माहौल बदल गया। बीच में शोरबे-वाला kimchi, दोनों तरफ़ मांस की लंबी लाइन। देखते ही दोस्त बोला "यार, ये तो soju के साथ जमेगा।" पर दोनों गाड़ी से आए थे, तो मन मारकर बैठ गए।
Bossam Kimchi - सिर्फ़ मांस के साथ खाने के लिए अलग बनाया kimchi

मांस के बगल में रखा kimchi अलग टाइप का था। रोज़मर्रा वाला kimchi नहीं, बल्कि शोरबे में डूबा हुआ - इसे bossam kimchi कहते हैं और ये खासतौर पर सूअर के साथ खाने के लिए बनाया जाता है। kimchi का एक टुकड़ा मांस के ऊपर रखकर पूरी बाइट एक साथ मुँह में डालो, तो सूअर की चिकनाई को kimchi का खट्टापन बैलेंस कर देता है और शोरबा मुँह में फट जाता है। वैसे ईमानदारी से, kimchi का शोरबा थोड़ा ज़्यादा नमकीन था। मांस के साथ तो ठीक था, पर अकेले kimchi खाओ तो नमक चुभने लगता था।
Bossam का मांस - उबले सूअर की कटी हुई शक्ल

मांस को अकेले देखो तो कुछ ऐसा दिखता है। उबले सूअर को पतली स्लाइसों में काटा गया है, और लीन मीट और फैट की परतें साफ़-साफ़ एक के ऊपर एक जमी हैं। बढ़िया bossam वो होता है जहाँ फैट पारदर्शी होकर नरम हो जाए, चिकनाई न महसूस हो, और लीन वाला हिस्सा रेशे-रेशे से आसानी से अलग हो जाए। उस दिन का मांस उस लेवल तक नहीं पहुँचा था - लीन वाला हिस्सा थोड़ा सूखा-सा लगा। पर सच कहूँ तो कलगुक्सू की दुकान से साइड के तौर पर मँगाए bossam से bossam-स्पेशलिस्ट रेस्तराँ वाला लेवल एक्सपेक्ट करना भी सही नहीं।

ये saeujeot है। छोटे-छोटे झींगों को नमक में डालकर फ़र्मेंट किया कोरियन शैली का जेओत्गल (fermented sauce)। Bossam खाते वक्त ये सॉस गायब हो ही नहीं सकती। मांस का टुकड़ा उठाओ, साइउजोत में हल्का-सा डुबाओ, खाओ - नमकीनपन के साथ उमामी की एक लहर सीधे ऊपर चढ़ती है। कटोरी में बहुत थोड़ा दिया था, संभालकर खाना था, पर दोस्त ने शुरू में ही भरपेट डुबा-डुबाकर खा लिया - आखिर में हम दोनों खाली कटोरी देख रहे थे।

Mumallangi। मूली को कोरिया में खूब इस्तेमाल किया जाता है - उसे बारीक काटकर सुखाया जाता है, फिर मिर्च पाउडर के मसाले में मिला देते हैं, और बन जाता है ये साइड। कुरकुरी और हल्की मीठी टेस्ट आती है। इसे सीधे मांस के साथ खाने से ज़्यादा, मांस के बीच-बीच मुँह फ्रेश करने के लिए खाते हैं। इसमें कुछ खास नहीं था - ठीक-ठाक था, बस।
Bossam खाने का तरीका - पत्ते में लपेटकर एक बाइट में

चॉपस्टिक से एक स्लाइस उठाई - लीन और फैट की परतें एकदम साफ़ दिख रही हैं। पीछे दोस्त सलाद पत्ते में कुछ लपेटता हल्का-सा नज़र आया। Bossam इसी तरह खाया जाता है - सलाद या पेरिला (एक कोरियन खुशबूदार पत्ता) पर मांस रखो, ऊपर kimchi और saeujeot डालो, और पूरा रैप एक बाइट में मुँह में। स्लाइस की मोटाई उम्मीद से ज़्यादा थी, इसलिए एक ही टुकड़े से मुँह भर गया।

ये रहा bossam खाने का सही तरीका। सलाद का पत्ता हथेली पर खोलो, एक-दो मांस की स्लाइस रखो, ऊपर से लाल bossam kimchi, फिर पूरा पैक मुँह में। दोस्त को फोटो के लिए थोड़ी देर पकड़े रखने को बोला, वो "जल्दी खींच ना!" करता रहा। बोल रहा था kimchi का शोरबा हथेली से बह-बहकर गिर रहा था।
Bossam Kimchi का असली रंग

Bossam kimchi को जार से सीधे चॉपस्टिक से उठाकर देखा - पहले प्लेट में जो दिखा था, उससे ये असली रंग ज़्यादा सही है। पत्ता गोभी पर मिर्च का मसाला भरपूर लिपटा है और शोरबा भी गाढ़ा भरा है। Bossam रेस्तराँ वाला kimchi आम घरेलू kimchi से अलग होता है - इसका फ़र्मेंटेशन ठीक उतना होता है जितना मांस के साथ खाने के लिए फिट बैठे।
रैप के पत्ते - Ssukgat और सलाद

Ssukgat एक अलग टोकरी में भी आई। वही ssukgat जो पहले तीखे कलगुक्सू पर डाली थी - इस दुकान ने bossam के रैप के लिए भी इसे दे दिया। Daejeon में ssukgat हर जगह घुसाई जाती है, ऐसा लगता है।

सलाद bossam का डिफ़ॉल्ट पत्ता है। टोकरी में ताज़ी-हरी पत्तियाँ ठूँस-ठूँस कर भरी थीं - इन पर मांस रखो, kimchi डालो, और एक बाइट में जो रैप बनता है वो ऊपर दिखा चुका हूँ। बगल में kimchi का जार और ssukgat की बास्केट साथ-साथ रखे हैं - रैप के सामान की कमी नहीं थी, जो अच्छी बात थी। बस मांस की मात्रा दो लोगों के बीच बाँटने के लिए थोड़ी कम लगी, ये बात याद है।
दो बाउल कलगुक्सू और एक bossam - दोनों का बिल 30,000 वोन से कम
दो बाउल कलगुक्सू और एक bossam, और कुल बिल 30,000 वोन (करीब ₹1,800) के अंदर। कलगुक्सू 10,000 वोन (करीब ₹600) प्रति बाउल था, ऊपर से bossam जोड़कर हिसाब इतना बना। पेट तो अच्छे-से भरा, पर बाहर निकलते वक्त दोस्त ने एक बात कही - "कलगुक्सू मस्त था, लेकिन bossam का मांस ज़रा सूखा नहीं था?" मैंने भी दरअसल यही सोचा था, बस खाते वक्त kimchi के साथ खा-खा कर इग्नोर कर दिया। वापस आते-आते तय हुआ अगली बार किसी bossam-स्पेशलिस्ट रेस्तराँ में ही खाएँगे। वो प्लान अब तक पूरा नहीं हुआ।
कोरिया में कलगुक्सू की दुकान कैसे ढूँढें
कोरिया के किसी भी शहर में कलगुक्सू की दुकान ढूँढ लेना आसान है। सर्च ऐप में 'kalguksu' टाइप करते ही पास की दुकानें लिस्ट में आ जाती हैं, और ज़्यादातर के रेट 10,000 वोन (करीब ₹600) के आसपास रहते हैं - तो जेब ज़्यादा नहीं कटेगी। ज़्यादातर जगह मेनू में bajirak और eolkeuni साथ-साथ रहते हैं, तो चुनाव आसान है: तीखा नहीं खाते तो bajirak की तरफ़ जाओ, और तीखा पसंद है तो eolkeuni की तरफ़।
उस दिन के बाद
वो दुकान अब बंद है, तो दोबारा जाने का कोई रास्ता नहीं। पर कभी-कभी जब कलगुक्सू खाने जाता हूँ, उस दिन की याद आ ही जाती है। तीखे कलगुक्सू पर ssukgat डालना, दोस्त का "मुझे ssukgat पसंद नहीं" बोलकर आखिर में अपने बाउल में डाल लेना। कोई बहुत ख़ास दिन नहीं था, बस वैसा ही एक नॉर्मल दिन था।