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भाषाHI
March 3, 2026 at 18:38

कोरियन ड्रामा शूटिंग लोकेशन — Mr. Sunshine सेट का पूरा गाइड

#ड्रामा शूटिंग लोकेशन#फ़ोटोजेनिक ट्रैवल स्पॉट#रेट्रो विंटेज जगह

अंदर क़दम रखते ही वक़्त थम जाता है

🎟️
टिकट जानकारी

Admission

  • 🧑 वयस्क (Adult) ₹630
  • 🧑‍🎓 युवा (Youth) ₹500
  • 👶👴 बच्चे · वरिष्ठ नागरिक (Child · Senior) ₹380

वीकडे पर 20 या उससे ज़्यादा लोगों के ग्रुप पर छूट · सिर्फ़ काउंटर पर टिकट मिलता है

सनशाइन स्टूडियो के गेट से दिखता 1900 के दौर की सड़क का नज़ारा | 하이제이에스비

टिकट लेकर अंदर क़दम रखते ही ऐसा लगता है जैसे वक़्त थम गया हो। यहाँ 1900 के दशक की शुरुआत के हानसोंग (Hanseong, यानी आज का सियोल) की सड़कों को हूबहू बनाया गया है — ये कोरिया का वो दौर था जब देश पश्चिमी दुनिया के लिए खुल रहा था। एक-एक पत्थर हाथ से बिछाया हुआ लगता है, लकड़ी की इमारतों पर पुराने ज़माने की छाप, हरी घास पर गिरती गर्मियों की धूप। लेकिन ज़रा ध्यान से देखिए — दूर वो टेलीग्राफ़ का खंभा दिख रहा है? वो जानबूझकर रखा गया है। 1900 के दौर में सच में टेलीग्राफ़ के खंभे होते थे। सिर्फ़ एक सेट बनाने में टेलीग्राफ़ खंभे तक की ऐतिहासिक सटीकता रखी गई है। बस इसी एक डीटेल से पता चल जाता है कि ये कोई मामूली जगह नहीं है। ये कोरियन ड्रामा शूटिंग लोकेशन बहुत सोच-समझकर बनाई गई है।

ग्लोरी होटल — Mr. Sunshine शूटिंग लोकेशन का दिल

सनशाइन स्टूडियो में ग्लोरी होटल का बाहरी नज़ारा | 하이제이에스비
बेल की लताओं से लिपटी ग्लोरी होटल की इमारत और एंटीक लैंप | 하이제이에스비

ये इमारत है ग्लोरी होटल (Glory Hotel)। नोनसान सनशाइन स्टूडियो (Nonsan — सियोल से करीब 2 घंटे दक्षिण में एक छोटा शहर) में सबसे पहले नज़र इसी पर पड़ती है। बेल की लताएँ इमारत की दीवारों पर चढ़ रही हैं, सामने के लॉन में एक पुराने ज़माने का लैंप पोस्ट खड़ा है। पहली बार देखकर सच में किसी फ़िल्म के पोस्टर जैसा लगा। ये सच है क्या?

ये इमारत असल इतिहास के सोनटैक होटल (Sontag Hotel) की नक़ल है। सोनटैक होटल 1900 के शुरुआती दौर में सियोल के जोंग-डोंग (Jeong-dong) इलाक़े में मौजूद था — कोरिया का पहला पश्चिमी शैली का होटल। इसकी मालकिन थीं एंतोनिएत सोनटैक (Antoinette Sontag, 1854–1922), एक फ़्रेंच मूल की जर्मन महिला, और ये शाही परिवार का निजी होटल था। 1905 में ईउलसा संधि (Eulsa Treaty) के दौरान जापानी विशेष दूत इतो हिरोबुमी (Ito Hirobumi) ने इसी होटल में रहकर संधि पर दबाव बनाया था — ये एक ऐतिहासिक जगह भी है।

ड्रामा Mr. Sunshine (मिस्टर सनशाइन, 2018) में ये मुख्य किरदारों की आने-जाने की प्रमुख जगह है। अभी ग्राउंड फ़्लोर पर ड्रामा के हाइलाइट वीडियो और प्रॉप्स की प्रदर्शनी है, और दूसरी मंज़िल कैफ़े के तौर पर चल रही है। ड्रामा की उसी खिड़की से कॉफ़ी पी सकते हैं। अगर बिना रुके निकल गए तो सच में पछताओगे।

ग्लोरी होटल के अंदर — ड्रामा के प्रॉप्स वैसे के वैसे

ग्लोरी होटल के ग्राउंड फ़्लोर का लकड़ी का इंटीरियर और मखमल के पर्दे | 하이제이에스비

इमारत के अंदर जाते ही एक बार फिर रुक जाना पड़ता है। बाहर जो माहौल था, वही अंदर भी जीवंत है। गहरे रंग की लकड़ी का फ़र्श, भारी मखमल के पर्दे, मेहराबदार खिड़कियों से आती प्राकृतिक रोशनी। ड्रामा की शूटिंग के दौरान इस्तेमाल हुए सोफ़े और फ़र्नीचर अभी भी वहीं रखे हैं। सेट को तोड़ा नहीं गया — इसी हालत में संरक्षित किया गया है। बैठकर फ़ोटो खिंचवाओ तो सच में ड्रामा का मुख्य किरदार बन जाने का एहसास होता है। बस एहसास नहीं — सच में।

Mr. Sunshine की शूटिंग के दौरान इस्तेमाल हुई पोशाक प्रदर्शनी | 하이제이에스비

ड्रामा की शूटिंग के दौरान एक्टर ने जो कपड़े पहने थे, वो भी वैसे ही प्रदर्शित हैं। मैनेक्विन पर वो ड्रेस — ये सिर्फ़ प्रॉप नहीं है। Mr. Sunshine की शूटिंग में एक्टर ने ख़ुद ये पहना था। बग़ल में रखी फ़ोटो फ़्रेम में एक्टर और इस ड्रेस को बारी-बारी देखो तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सच में। ये कपड़ा उस सीन में था — ये अहसास होते ही हक़ीक़त और ड्रामा एक-दूसरे पर छा जाते हैं।

ग्लोरी होटल की दूसरी मंज़िल का कैफ़े — 1900 के ज़माने में कॉफ़ी का मज़ा

ग्लोरी होटल दूसरी मंज़िल कैफ़े का लकड़ी इंटीरियर और एंटीक फ़र्नीचर | 하이제이에스비

ये जगह, कैफ़े है। सच में। ड्रामा शूटिंग वाला वही इंटीरियर, वही टेबल, वही माहौल — कैफ़े के तौर पर चल रहा है। गहरे रंग के लकड़ी के खंभे, पुराने ज़माने की कुर्सियाँ, खिड़कियों से छनकर आती रोशनी। कॉफ़ी ऑर्डर करके बैठो तो कन्फ़्यूज़ हो जाते हो कि मैं 2025 में हूँ या 1900 के दशक में।

लेकिन सुनो। मैं सीधे-सीधे बोलता हूँ।

इस कैफ़े में ऐसे ही आओगे तो आधा मज़ा ही मिलेगा।

1900 के दौर के स्टाइल के कपड़े पहनकर आओ। उस ज़माने वाली लॉन्ग स्कर्ट, लेस ब्लाउज़, कॉर्सेट जैकेट। बाल भी खुले मत छोड़ना। ऊपर बाँधकर आना। मेकअप भी मॉडर्न ग्लो वाला नहीं, थोड़ा क्लासिक और सॉफ़्ट टोन का। फिर इस कैफ़े में खिड़की के पास बैठकर कॉफ़ी का कप हाथ में लो — बस, उस पल आप ड्रामा के हीरो/हीरोइन हो। कैमरा न भी हो तो भी एक सीन पूरा है। परफ़ेक्ट एक्टर अलग से ढूँढने की ज़रूरत नहीं।

पुराने ज़माने के कपड़ों में ग्लोरी होटल कैफ़े का आनंद लेते विज़िटर | 하이제이에스비

दिख रहा है? सब लोग ऐसे ही नहीं आए हैं। लाल टोपी, यूकाटा, लेस ब्लाउज़। यहाँ आने वालों को पहले से पता है कि इस जगह को कैसे एंजॉय करना है। गहरे लकड़ी का इंटीरियर, एंटीक लाइटिंग, सफ़ेद टेबलक्लॉथ पर एक ड्रिंक। माहौल ही आपकी ड्रेस को कंप्लीट कर देता है। ज़रूरी नहीं कि परफ़ेक्ट तैयार होकर आओ। बस इस जगह बैठ जाओ, वो ही एक तस्वीर बन जाती है।

ग्लोरी होटल के सामने लोहे की एंटीक कुर्सी और पत्थर की सीढ़ियाँ | 하이제이에스비

ग्लोरी होटल से बाहर निकलो तो ऐसा नज़ारा मिलता है। लोहे की एंटीक कुर्सी, पत्थर की सीढ़ियाँ, बीच में हरे-भरे पेड़। कोई भीड़-भाड़ नहीं। शांत और आरामदेह। थोड़ी देर बैठकर कुछ न करो — ऐसी जगह है।

हानोक गली — हर क़दम पर ज़माना बदल जाता है

सनशाइन स्टूडियो की हानोक गली और कोरियाई टाइल छत का नज़ारा | 하이제이에스비

थोड़ा और अंदर चलो तो बिल्कुल अलग नज़ारा मिलता है। कोरियाई पारंपरिक खपरैल छत (Korean traditional roof tiles) वाली हानोक (Hanok) गली। सनशाइन स्टूडियो ड्रामा शूटिंग लोकेशन के ख़ास होने की वजह यही है। पश्चिमी इमारतें, जापानी इमारतें, और कोरिया के पारंपरिक हानोक — तीनों एक ही जगह। 1900 के शुरुआती दशक में कोरिया में सच में तीन संस्कृतियाँ साथ-साथ रहती थीं। वो सब एक जगह देख सकते हो। हर क़दम पर ज़माना बदल जाने का एहसास होता है।

पुल पार करके गली में जाते विज़िटर और टेलीग्राफ़ खंभे | 하이제이에스비

कैसा लग रहा है ये नज़ारा? लोग उस छोटे पुल को पार करके गली में चले जा रहे हैं। पुरानी लालटेनें, लकड़ी की इमारतें, टेलीग्राफ़ खंभे। कोरिया में ऐसा नज़ारा अब लगभग नहीं मिलता।

कोरिया दुनिया में सबसे तेज़ी से आधुनिक हुए देशों में से एक है। 50 साल में पूरे शहर बदल गए। इसलिए 1900 के दौर की सड़कों का नज़ारा ज़्यादातर सिर्फ़ तस्वीरों में बचा है। सनशाइन स्टूडियो के ख़ास होने की वजह यही है। जो नज़ारा ग़ायब हो चुका है, कम से कम यहाँ तो अपनी आँखों से देख सकते हो। विदेशी यात्रियों को तो और भी अनोखा लगेगा। ये उन गिनी-चुनी जगहों में से है जहाँ कोरिया का वर्तमान और अतीत साथ-साथ मौजूद हैं।

जापानी शैली की गली — औपनिवेशिक दौर की यादें

सनशाइन स्टूडियो में जापानी शैली की इमारतें और काग़ज़ी लालटेन | 하이제이에스비

गली में चलते-चलते जापानी शैली की इमारतें (Japanese-style architecture) दिखने लगती हैं। सफ़ेद काग़ज़ी लालटेन (paper lantern), लकड़ी की जालीदार दरवाज़े, जापानी भाषा के बोर्ड। थोड़ा अजीब लग सकता है।

ये ऐतिहासिक सच है। कोरिया ने 1910 से 1945 तक जापानी औपनिवेशिक शासन (Japanese colonial period) झेला। उस दौर में सड़कों पर जापानी भाषा के बोर्ड लगे होते थे, कोरियाई और चीनी अक्षर (漢字) साथ-साथ इस्तेमाल होते थे। जो नज़ारा हम देख रहे हैं, वो उस ज़माने के हानसोंग की सड़कों का असल रूप है। सनशाइन स्टूडियो ने उसे हूबहू बनाया है। शायद ये सिर्फ़ सुंदर न लगे। लेकिन यही इतिहास है। उस भावना को भी महसूस करना — यही इस जगह को सही से देखने का तरीक़ा है।

बुलांगसो बेकरी — सेट से असली बेकरी बन गई जगह

बुलांगसो बेकरी का बाहरी हिस्सा और लकड़ी के शेल्फ़ पर ब्रेड बास्केट | 하이제이에스비

ये है बुलांगसो बेकरी (Bullangseo Bakery)। Mr. Sunshine ड्रामा की शूटिंग लोकेशन — वही जगह अब असली बेकरी के तौर पर चल रही है। पुरानी लकड़ी की शेल्फ़ पर टोकरियों में रखी ब्रेड — ये नज़ारा ही अपने आप में एक तस्वीर है।

बुलांगसो बेकरी का अंदरूनी लकड़ी का ढाँचा और ड्रामा शूटिंग की तस्वीरें | 하이제이에스비

अंदर जाओ तो छत तक खुला लकड़ी का ढाँचा नज़र आता है। दीवार पर ड्रामा के सीन की तस्वीरें लगी हैं, नीचे ब्रेड की पैकेजिंग और सामग्री के बोरे रखे हैं। सेट है या बेकरी — ये कन्फ़्यूज़न ही इसका चार्म है। यहाँ एक ब्रेड ख़रीदकर खाना ही अपने आप में एक अनुभव है।

बुलांगसो बेकरी की दीवार पर एक्टर की तस्वीर और कास्टेला पोस्टर | 하이제이에스비

दीवार पर एक्टर की तस्वीर दिख रही है? ये सबूत है कि इसी जगह पर सच में शूटिंग हुई थी। बग़ल में कास्टेला (Castella) का पोस्टर लगा है। कास्टेला पुर्तगाल से आकर जापान होते हुए कोरिया पहुँची ब्रेड है। 1900 के उस दौर में कोरिया में आने वाले पहले पश्चिमी खाद्य पदार्थों में से एक। इस बेकरी का उस ज़माने में होना कोई मनगढ़ंत सेटिंग नहीं है।

लकड़ी की ट्रे पर कास्टेला और बिंगसू के मॉडल | 하이제이에스비

मॉडल हैं लेकिन सच में बहुत ख़ूबसूरत हैं। बाईं तरफ़ कास्टेला (Castella), दाईं तरफ़ बिंगसू (Bingsu, कोरियाई बर्फ़ का गोला डेज़र्ट)। लकड़ी की ट्रे पर रखे रंग-बिरंगे कास्टेला के कटे हुए टुकड़े दिख रहे हैं? हरा, पीला, नारंगी, गुलाबी। इन्हें 1900 के माहौल वाली इस जगह में खाना है। स्वाद तो स्वाद, लेकिन ये लगता है जैसे इस पूरे सीन को खा रहे हो।

बुलांगसो बेकरी के दरवाज़े से दिखता पुराने ज़माने की सड़क का नज़ारा | 하이제이에스비

दरवाज़े के पार का नज़ारा भी प्लान किया हुआ है। ब्रेड चुनते हुए खिड़की से पुरानी सड़क नज़र आती है। काँच की बोतलों में सामग्री, टोकरियों में ब्रेड, और उसके पार चीनी अक्षरों वाले बोर्ड लगी सड़क। इस दुकान का एक दरवाज़ा वर्तमान और अतीत को बाँटने वाली सीमारेखा जैसा है।

जापानी शराबख़ाना और ओडेन स्टॉल — उस दौर के हानसोंग की रोज़मर्रा ज़िंदगी

जापानी शैली की दो-मंज़िला लकड़ी की इमारत, लाल नोरेन पर्दा और ओडेन स्टॉल | 하이제이에스비

जापानी शैली की दो-मंज़िला इमारत। लाल नोरेन (暖簾, noren — जापानी कपड़े का पर्दा) लटका है, सफ़ेद काग़ज़ी लालटेनें दरवाज़े पर सजी हैं। दाईं तरफ़ एक छोटा ठेला दिखता है जिस पर जापानी में おでん (ओडेन, Oden) लिखा है। ओडेन शोरबे में उबालकर बनाया जाने वाला जापानी स्ट्रीट फ़ूड है, जो आज भी कोरिया में बेहद लोकप्रिय है। 1900 के जापानी औपनिवेशिक दौर से कोरिया के खान-पान में घुल-मिल गया खाना है।

इमारत की दीवारों पर लकड़ी की बनावट, खपरैल छत की घुमावदार लाइनें, पत्थर की दीवार पर खड़ी संरचना। ऐसे ही गुज़र जाने के लिए बहुत ज़्यादा डीटेल हैं। इस गली में चलते हुए एक पल को लगता है कि मैं कोरिया में हूँ या 1900 के दशक की जापान की किसी गली में। यही इस जगह का इरादा है। उस दौर के हानसोंग में सच में ऐसी गलियाँ थीं।

लकड़ी के मेन्यू बोर्ड पर जापानी भाषा और 錢 मुद्रा इकाई | 하이제이에스비

दीवार पर लगे लकड़ी के मेन्यू बोर्ड को देखो। जापानी में लिखे खाने के नाम, बग़ल में क़ीमतें 錢 (जोन) में लिखी हैं। 1900 के दशक में सच में इस्तेमाल होने वाली मुद्रा इकाई। काउंटर पर ड्रामा शूटिंग की तस्वीरें फ़्रेम में रखी हैं। एक-एक डीटेल नज़रअंदाज़ करने लायक़ नहीं।

जापानी शराबख़ाने की शेल्फ़ पर किमोनो गुड़िया, पंखा, साके का बर्तन | 하이제이에스비

शेल्फ़ पर किमोनो गुड़िया, पंखा, साके का बर्तन, चाय की केतली। 1900 के दशक के जापानी शराबख़ाने (Japanese-style tavern) का हूबहू रूप। ये सिर्फ़ प्रॉप्स सजाना नहीं है। उस वक़्त हानसोंग में सच में ऐसी जगहें मौजूद थीं। इतिहास की किताबों में देखा नज़ारा सामने खड़ा है।

लाल नोरेन के नीचे क़तार में रखे लकड़ी के स्टूल | 하이제이에스비

लाल नोरेन के नीचे लकड़ी के स्टूल क़तार में रखे हैं। शांत और ख़ाली ये जगह उल्टा और ज़्यादा बातें करती है। उस कुर्सी पर बैठकर सोचो कि ड्रामा के किरदारों ने क्या बातें की होंगी। Mr. Sunshine देखने वालों को ये सीन जाना-पहचाना लगेगा। नहीं देखा तो भी ठीक है। ये जगह ख़ुद पहले बात करती है।

Mr. Sunshine में कूडो हिना के कमरे का तातामी फ़र्श और हिबाची | 하이제이에스비

तातामी (tatami) फ़र्श, जालीदार काग़ज़ के स्लाइडिंग दरवाज़े, बीच में रखी आग की अँगीठी (火爐, hibachi)। ये जगह ड्रामा Mr. Sunshine में जापानी किरदार कूडो हिना (Kudo Hina) के कमरे के तौर पर दिखती है। कोरियाई ज़मीन पर जड़ें जमाए जापानी व्यक्ति का कमरा। कोरियाई पारंपरिक जगह से बिल्कुल अलग माहौल। ठंडा, सलीक़ेदार, लेकिन अजीब सा तनाव महसूस होता है। ड्रामा देखने वालों को इस कमरे में क़दम रखते ही वो सीन याद आ जाएगा।

लाल किमोनो में तलवार लिए ड्रामा शूटिंग की पोशाक प्रदर्शनी | 하이제이에스비

लाल किमोनो में तलवार लिए पोशाक। ड्रामा शूटिंग के दौरान एक्टर ने सच में पहनी थी। बग़ल की फ़्रेम वाली तस्वीर से तुलना करो तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये कपड़ा उसी सीन का है। सेट नहीं — इतिहास के एक टुकड़े के सामने खड़े होने जैसा एहसास।

सड़क के बीच ओडेन स्टॉल और हानोक छत व पश्चिमी इमारत का सह-अस्तित्व | 하이제이에스비

सड़क के बीचों-बीच अकेला खड़ा ओडेन स्टॉल (Oden street stall)। おでん, 準備中 (तैयारी चल रही है)। अभी खुला भी नहीं है लेकिन बस ये नज़ारा ही काफ़ी है। पीछे हानोक की खपरैल छत, बाईं तरफ़ लाल ईंटों की पश्चिमी इमारत — सब एक फ़्रेम में। कोरिया, जापान, पश्चिम — एक तस्वीर में तीनों। यही 1900 के दशक के हानसोंग की असल तस्वीर है। कैमरा किसी भी दिशा में उठाओ, फ़ोटो बन जाती है।

हानसोंग इलेक्ट्रिक और जोंग्नो सड़क — रेट्रो सेट का स्केल

ऊँचाई से सनशाइन स्टूडियो का नज़ारा और हानसोंग इलेक्ट्रिक की घड़ी मीनार | 하이제이에스비

ऊँचाई से देखा सनशाइन स्टूडियो का नज़ारा। बाईं तरफ़ घड़ी मीनार वाली लाल ईंटों की इमारत हानसोंग इलेक्ट्रिक (漢城電氣) है, दाईं तरफ़ खपरैल छतों वाली हानोक गली। एक फ़्रेम में पश्चिमी आधुनिक इमारत और कोरियाई पारंपरिक वास्तुकला का सह-अस्तित्व — यही 1900 के दशक के हानसोंग का असली चेहरा है। उस दौर में ये दोनों सच में बग़ल-बग़ल खड़ी थीं।

हानसोंग इलेक्ट्रिक का सामने का हिस्सा — लाल ईंट, गोल गुम्बद घड़ी मीनार, मेहराबदार खिड़कियाँ | 하이제이에스비

हानसोंग इलेक्ट्रिक (漢城Electric Company) का सामने का हिस्सा। लाल ईंट, गोल गुम्बद घड़ी मीनार, मेहराबदार खिड़कियाँ। 1898 में स्थापित कोरिया की पहली बिजली कंपनी — इसी इमारत से हानसोंग की सड़कों पर पहली बार बिजली पहुँची। ये सिर्फ़ सेट नहीं — असली इतिहास का पुनर्निर्माण है।

हानसोंग इलेक्ट्रिक की दीवार की ईंटों की बनावट और घड़ी मीनार की लोहे की सजावट क्लोज़अप | 하이제이에스비

और क़रीब जाओ तो डीटेल जीवंत हो जाती है। दीवार की ईंटों की बनावट, घड़ी मीनार पर लोहे की सजावट, मेहराबदार खिड़कियों की बारीक नक़्क़ाशी। इस इमारत के सामने खड़े होकर समझ आता है कि ड्रामा के डायरेक्टर ने ये सेट क्यों चुना।

सड़क पर ट्राम की पटरियाँ, 朝鮮銀 बोर्ड और घोड़ागाड़ी का पहिया | 하이제이에스비

सड़क के बीचों-बीच ट्राम की पटरियाँ (tram rail) बिछी हैं। हानसोंग ट्राम (漢城電車) 1899 में कोरिया में पहली बार चली — तब डोंगडेमुन से सोडेमुन तक दौड़ती थी। इमारत के बोर्ड पर चीनी अक्षरों में '朝鮮銀' लिखा है, बग़ल में घोड़ागाड़ी का पहिया खड़ा है। इस एक सड़क में ट्राम, घोड़ागाड़ी और हानोक के साथ-साथ रहने वाले उस अशांत और गतिशील दौर का माहौल पूरा क़ैद है।

ह्वावोलू — चीनी अक्षरों का बोर्ड और पीली लालटेन वाली दो-मंज़िला लकड़ी की इमारत | 하이제이에스비

花月樓 (ह्वावोलू)। चीनी अक्षरों का बोर्ड और पीली लालटेनें — प्रभावशाली दो-मंज़िला लकड़ी की इमारत। ह्वावोलू ड्रामा Mr. Sunshine में आने वाला योजोंग (料亭, उच्च श्रेणी का रेस्तराँ) है, जहाँ उस दौर के अभिजात वर्ग और सत्ताधारी आते-जाते थे। सफ़ेद दीवारों पर काले लकड़ी के खंभों वाली संरचना उस दौर की मिश्रित शैली है — कोरियाई पारंपरिक और जापानी वास्तुकला का मेल। शाम को पीली लालटेनें जलें तो माहौल पूरा बदल जाएगा।

ऊँचाई से जोंग्नो सड़क का नज़ारा — तेगुकगी झंडा और ट्राम की पटरियाँ | 하이제이에스비

ऊँचाई से देखी जोंग्नो सड़क। बाईं तरफ़ तेगुकगी (Taegukgi, कोरिया का राष्ट्रीय ध्वज) फ़्रेम पकड़ता है, ह्वावोलू को केंद्र में रखकर ट्राम की पटरियाँ मुड़ती हैं और पूरी सड़क पैनोरामा की तरह फैलती है। इस कोण से देखो तो सेट नहीं — सच में 1900 के दशक की सड़क ऊपर से देखने जैसा लगता है। वक़्त हो तो इस ऊँचाई से एक बार ज़रूर देखो।

हानसोंग ट्राम और डेआनमुन — आधुनिक कोरिया का प्रतीक

विलो के पेड़ों के बीच से दिखता हानसोंग ट्राम मॉडल और चौक | 하이제이에스비

विलो की डालियों के बीच से चौक खुलता है। दाईं तरफ़ लकड़ी का हानसोंग ट्राम (漢城電車, Hanseong Tram) खड़ा है। 1899 में सच में चलने वाली वही ट्राम। कहते हैं कि उस वक़्त सियोल के लोगों ने पहली बार ये ट्राम देखी तो चौंककर बोले — "लोहे का राक्षस दौड़ रहा है"। अभी चुपचाप खड़ी है, लेकिन वहीं से ज़बरदस्त मौजूदगी का एहसास है।

डेआनमुन लकड़ी का बड़ा दरवाज़ा, हानसोंग ट्राम और बेल से ढकी ईंट की इमारत | 하이제이에스비

大安門 (डेआनमुन)। आज के डॉकसुगुंग पैलेस के डेहानमुन (大漢門) का पुराना नाम। बाईं तरफ़ विशाल लकड़ी के दरवाज़े पर चीनी अक्षर साफ़ दिखते हैं, बग़ल में बेल की लताओं से ढकी लाल ईंट की इमारत और हानसोंग ट्राम बग़ल-बग़ल खड़ी हैं। हानोक, पश्चिमी वास्तुकला और ट्राम एक फ़्रेम में — ये सिर्फ़ इस सेट पर ही देखने को मिलता है।

जोंग्नो दुकानों की गली — रेट्रो सड़क पर चलने का मज़ा

लाल ईंट की इमारत के खंभे के सामने खड़ा विज़िटर और चीनी अक्षरों के बोर्ड | 하이제이에스비

लाल ईंट की इमारत के खंभे के सामने खड़ा विज़िटर। सिर के ऊपर चीनी अक्षरों के बोर्ड भरे हैं, खंभे की बनावट और मेहराबदार खिड़कियों की डीटेल क़रीब से और भी बारीक दिखती है। ऐसी जगह में बस खड़े हो जाओ तो अपने आप फ़ोटो बन जाती है। बस कपड़ों पर ज़रा ध्यान दो — बैकग्राउंड अपना काम कर देता है।

पश्चिमी कपड़ों की सिलाई की दुकान का चीनी बोर्ड और लकड़ी के स्लाइडिंग दरवाज़े | 하이제이에스비

洋服裁縫店 (पश्चिमी कपड़ों की सिलाई की दुकान)। चीनी अक्षरों के बोर्ड के नीचे लकड़ी के स्लाइडिंग दरवाज़े, छज्जों के खंभे सजी दुकानों की गली। उस दौर के अभिजात वर्ग की पहली बार पश्चिमी सूट सिलवाने की तस्वीर आँखों के सामने आ जाती है। इस दरवाज़े के सामने झाँकना ही एक सीन बना देता है।

1900 के दशक की पुरानी घोड़ागाड़ी — छिली पेंट और सड़ी लकड़ी | 하이제이에스비

चलते-चलते एक पुरानी घोड़ागाड़ी (horse carriage) से सामना हो गया। पेंट उखड़ रहा है, लकड़ी सड़ रही है — वैसी ही हालत। 1900 के शुरुआती दौर में हानसोंग में अभिजात वर्ग इसी में सफ़र करता था। ट्राम आने से पहले, घोड़ागाड़ी सबसे तेज़ साधन थी — उस दौर का निशान।

घोड़ागाड़ी के लकड़ी के पहिये की बनावट और दरवाज़े की नक़्क़ाशी क्लोज़अप | 하이제이에스비

क़रीब से देखी घोड़ागाड़ी। लकड़ी के पहिये की रेखाएँ, दरवाज़े की नक़्क़ाशी, अंदर दिखता पुराना पर्दा। इतनी डीटेल हो तो ये सेट का प्रॉप नहीं — असली पुरानी चीज़ के क़रीब है। सनशाइन स्टूडियो में इसके साथ एक फ़ोटो तो ज़रूरी है।

यांगपुमजोम SUNSHINE SALON बोर्ड और बेल की लताओं से ढकी खपरैल दीवार | 하이제이에스비

洋品店 (पश्चिमी सामान की दुकान)। बेल की लताएँ हानोक की खपरैल दीवार पर चढ़कर बोर्ड को आधा ढक रही हैं। SUNSHINE SALON अंग्रेज़ी और चीनी अक्षर साथ-साथ लिखे हैं — उस दौर का माहौल बिल्कुल वैसा। इसके सामने फ़ोटो लो — बैकग्राउंड अपना काम कर देता है।

लाल ईंट की इमारत के आँगन तक जाता पत्थर का रास्ता और फूलों की क्यारी | 하이제이에스비

लाल ईंट की इमारत के आँगन तक जाता पत्थर का रास्ता। दोनों तरफ़ साफ़-सुथरे पेड़ और फूलों की क्यारियाँ, अकेले चलते हुए पीछे का नज़ारा अपने आप एक सीन बन जाता है। जल्दबाज़ी की ज़रूरत नहीं।

पत्थर के रास्ते का क़रीबी नज़ारा — इमारत की दीवार, बाग़ और खिड़की वाली बेंच | 하이제이에스비

वही पत्थर का रास्ता, थोड़ा और क़रीब से। इमारत की दीवार और बाग़ ज़्यादा साफ़ दिखते हैं। खिड़की वाली बेंच भी नज़र आती है। यहाँ थोड़ी देर बैठकर खाली बैठ जाओ — अच्छा लगेगा।

पोशाक किराए पर — पुराने ज़माने का ट्रांसफ़ॉर्मेशन यहाँ

यांगपुमजोम के अंदर कॉस्ट्यूम रेंटल ड्रेसिंग रूम — सुनहरा शीशा और बल्ब लाइटिंग | 하이제이에스비

यांगपुमजोम (洋品店) के अंदर कॉस्ट्यूम रेंटल की जगह। सुनहरे फ़्रेम का शीशा, गोल बल्बों की लाइटिंग, नारंगी मखमल की कुर्सी — ड्रेसिंग रूम जैसा माहौल। यहाँ कपड़े पहनकर शीशे के सामने बैठो तो सच में एक्टर बन जाने का एहसास होता है।

दो मंज़िला कॉस्ट्यूम रेंटल हॉल — शैन्डेलियर, किमोनो-हानबोक-रेट्रो ड्रेस मैनेक्विन | 하이제이에스비

दो मंज़िला कॉस्ट्यूम रेंटल हॉल। छत तक पहुँचती लकड़ी की सीढ़ियाँ, शैन्डेलियर लाइटिंग, मैनेक्विन पर किमोनो (Kimono), हानबोक (Hanbok, कोरियाई पारंपरिक पोशाक) और रेट्रो ड्रेस — सब एक नज़र में। पहली और दूसरी मंज़िल दोनों किराए की पोशाकों से भरी हैं। कोई भी स्टाइल चुनो — ये जगह ख़ुद बैकग्राउंड बन जाती है।

कॉस्ट्यूम रेंटल गाइड बोर्ड, रेट्रो सूट मैनेक्विन और फ़ुल-लेंथ शीशा | 하이제이에스비

कॉस्ट्यूम रेंटल गाइड बोर्ड के साथ रेट्रो सूट पहने मैनेक्विन खड़ा है। एक तरफ़ रंग-बिरंगी ड्रेसेज़ और हानबोक लटकी हैं, फ़ुल-लेंथ शीशे के सामने ख़ुद पहनकर देख सकते हो। किराए का समय 2 घंटे है। परफ़ेक्ट मैचिंग न भी हो तो यहाँ सब जँचता है।

एक्सपोज़्ड लकड़ी के ट्रस वाली छत और शैन्डेलियर — कॉस्ट्यूम रेंटल हॉल | 하이제이에스비

ऊपर देखो तो एक्सपोज़्ड लकड़ी के ट्रस वाली छत और शैन्डेलियर दिखता है। पुराने गोदाम को बदलकर बनाई गई संरचना वैसी ही। पहली मंज़िल पर पोशाकें, दूसरी मंज़िल पर और ज़्यादा। बस ये छत ही फ़िल्म के सेट जैसा एहसास देती है।

जूते और एक्सेसरीज़ की शेल्फ़ के सामने टोपी-बैग-जूते चुनता विज़िटर | 하이제이에스비

जूते और एक्सेसरीज़ की शेल्फ़ के सामने कुछ चुनता विज़िटर। टोपी, बैग, जूते — सब किराए पर मिलते हैं। सिर्फ़ कपड़े नहीं — पैर से सिर तक पूरा लुक तैयार कर सकते हो। आए हो तो अधूरा ट्रांसफ़ॉर्मेशन तो अफ़सोस वाली बात है ना।

तीन संस्कृतियों की सह-अस्तित्व वाली सड़क — 1900 के दशक के हानसोंग का असली चेहरा

ट्राम की पटरी से दिखता जापानी स्टॉल, कोरियाई हानोक छज्जा और एंटीक लैंप | 하이제이에스비

ट्राम की पटरी वाली चौड़ी सड़क के बीच में खड़े हो जाओ तो ऐसा दिखता है। बाईं तरफ़ जापानी स्टॉल, दाईं तरफ़ कोरियाई हानोक का छज्जा। सामने एंटीक लैंप। इस एक सड़क में पूरा ज़माना समाया है। 1900 के दशक का हानसोंग बिल्कुल ऐसा ही था। जापानी, पश्चिमी, कोरियाई — एक ही ब्लॉक में। वो अशांत और जटिल दौर।

जापानी शैली की तीन मंज़िला लकड़ी की इमारत के सामने कोरियाई मिट्टी के बर्तनों का ढेर | 하이제이에스비

जापानी शैली की तीन मंज़िला लकड़ी की इमारत और कोरियाई मिट्टी के बर्तनों (onggi — कोरिया के पारंपरिक मिट्टी के बर्तन) का ढेर बग़ल-बग़ल। अजीब लगेगा शायद, लेकिन बिल्कुल नहीं। उल्टा, ये उस वक़्त का असली नज़ारा था। डोएनजांग और सोया सॉस रखने वाले कोरियाई मिट्टी के बर्तन जापानी इमारत के सामने रखे हों — वो उस ज़माने की रोज़मर्रा ज़िंदगी थी। सेट ने उसे ईमानदारी से बनाया है।

विशाल लकड़ी के दरवाज़े से दिखता हानोक का आँगन | 하이제이에스비

विशाल लकड़ी के दरवाज़े से हानोक का आँगन खुलता है। दरवाज़े से दिखता नज़ारा फ़्रेम में जड़ी तस्वीर जैसा कटता है। पीछे का एक नज़ारा ही पूरी तस्वीर है। सनशाइन स्टूडियो में फ़ोटो स्पॉट ढूँढने की ज़रूरत नहीं — कहीं भी खड़े हो जाओ, बैकग्राउंड अपना काम कर देता है।

हानोक के अंदर और पतझड़ के रंग — कोरियाई परंपरा की जीवंत जगह

पारंपरिक कोरियाई हानोक का अंदरूनी हिस्सा — खपरैल छज्जा, काग़ज़ के दरवाज़े, बरामदा, लकड़ियाँ | 하이제이에스비

पारंपरिक कोरियाई हानोक (Hanok, कोरियाई पारंपरिक घर) का अंदरूनी हिस्सा। खपरैल छज्जा, काग़ज़ के स्लाइडिंग दरवाज़े (韓紙 paper sliding door), बरामदे के नीचे लकड़ियाँ। अगर जापानी इमारतें ज़्यादा लगीं, तो इस जगह पर संतुलन बन जाता है। सनशाइन स्टूडियो सिर्फ़ जापानी अहसास नहीं है। कोरिया की अपनी वास्तुकला और रहने की जगह मज़बूती से जड़ें जमाए खड़ी है। दोनों का एक ही जगह पर होना — यही उस दौर का इतिहास है।

खपरैल दीवार के पार हरे और लाल मेपल के पेड़ और पत्थर की सीढ़ियाँ | 하이제이에스비

दीवार के पार हरे और लाल मेपल के पेड़ फूट रहे हैं। खपरैल दीवार पर बेल की लताएँ चढ़ रही हैं, पत्थर की सीढ़ियाँ ऊपर जा रही हैं। ये नज़ारा हर मौसम में बदलता होगा। बसंत में हल्का हरा, गर्मियों में गहरा हरा, पतझड़ में वो लाल मेपल और ज़्यादा धधक उठेगा।

हानोक गली से ऊपर से दिखता नज़ारा — हानसोंग इलेक्ट्रिक की घड़ी मीनार और विलो के पेड़ | 하이제이에스비

हानोक गली से ऊपर से देखा नज़ारा। दूर हानसोंग इलेक्ट्रिक की घड़ी मीनार का गुम्बद दिखता है, दाईं तरफ़ विलो के पेड़ लटके हैं, पत्थर का रास्ता नीचे जाता है। यहाँ से देखो तो पूरा एहसास होता है। ये जगह न सिर्फ़ जापानी माहौल है, न सिर्फ़ कोरियाई। दोनों मिलकर उस दौर के हानसोंग की सड़क बनी है। यही है सनशाइन स्टूडियो, इस कोरियन ड्रामा शूटिंग लोकेशन का असली आकर्षण।

सियोल से सनशाइन स्टूडियो कैसे पहुँचें

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सियोल से कैसे जाएँ

From Seoul to Sunshine Studio

🅰️ KTX + टैक्सी — सबसे तेज़ तरीक़ा

योंगसान स्टेशन → नोनसान स्टेशन (KTX लगभग 1 घंटा 30–40 मिनट)
💰 एक तरफ़ लगभग ₹950–1,730 (सीट के प्रकार पर निर्भर)

नोनसान स्टेशन → सनशाइन स्टूडियो (टैक्सी लगभग 20–25 मिनट)
💰 लगभग ₹880–950

⏱️ कुल समय लगभग 2 घंटे · कुल यातायात ख़र्च लगभग ₹1,900–2,500

🅱️ KTX + लोकल बस — सबसे सस्ता तरीक़ा

नोनसान स्टेशन से बाहर → सड़क के दूसरी तरफ़ बस स्टॉप
🚌 बस नंबर 201, 205, 211, 212, 216, 221
📍 "훈련소입소대대" (ट्रेनिंग कैंप) स्टॉप पर उतरें → पैदल 15 मिनट
💰 बस का किराया ₹100

⚠️ बसें 30 मिनट से 1 घंटे के अंतर पर आती हैं।
वक़्त कम हो तो टैक्सी बेहतर है।

🅲 एक्सप्रेस बस — बिना ट्रांसफ़र सीधे

सियोल एक्सप्रेस बस टर्मिनल (लाइन 7) → योनमुडे टर्मिनल
⏱️ लगभग 2 घंटे · 💰 लगभग ₹630–690
योनमुडे टर्मिनल → सनशाइन स्टूडियो (बस या टैक्सी)

💡 सबसे सस्ता लेकिन सबसे ज़्यादा समय लगता है।

📍 सनशाइन स्टूडियो पता: चुंगनाम नोनसान-सी योनमू-ईप बोंगह्वांग-रो 90

बूसान से सनशाइन स्टूडियो कैसे पहुँचें

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बूसान से कैसे जाएँ

From Busan to Sunshine Studio

⚠️ बूसान → नोनसान डायरेक्ट KTX नहीं है

ट्रांसफ़र ज़रूरी है। नीचे दो तरीक़ों में से अपनी स्थिति के हिसाब से चुनें।

🅰️ डेजोन स्टेशन से होकर — सबसे तेज़ लेकिन ट्रांसफ़र मुश्किल

बूसान स्टेशन → डेजोन स्टेशन (क्योंगबू लाइन KTX, लगभग 1 घंटा 20 मिनट)
💰 लगभग ₹2,140

डेजोन स्टेशन → सो-डेजोन स्टेशन जाना ज़रूरी
🚕 टैक्सी लगभग 10–15 मिनट · लगभग ₹570–690
🚌 बस लगभग 25 मिनट

सो-डेजोन स्टेशन → नोनसान स्टेशन (होनाम लाइन KTX/मुगुंगहवा, लगभग 20–30 मिनट)

⏱️ कुल समय लगभग 2 घंटे 30 मिनट – 3 घंटे (ट्रांसफ़र इंतज़ार समेत)

🚨 ध्यान दें: डेजोन स्टेशन (क्योंगबू लाइन) और सो-डेजोन स्टेशन (होनाम लाइन) बिल्कुल अलग-अलग स्टेशन हैं। लगभग 3 किमी दूर हैं — पैदल नहीं जा सकते। ऑफ़िस के घंटों (शाम 5–7 बजे) में जुंगआंग-रो पर ट्रैफ़िक जाम की वजह से टैक्सी में 20 मिनट से ज़्यादा लग सकता है। ट्रांसफ़र के लिए कम से कम 40 मिनट – 1 घंटे का वक़्त रखें।

🅱️ शिनटानजिन से होकर — ट्रांसफ़र में कम परेशानी

बूसान स्टेशन → शिनटानजिन स्टेशन (मुगुंगहवा ट्रेन)
💰 लगभग ₹1,180

शिनटानजिन स्टेशन → नोनसान स्टेशन (मुगुंगहवा ट्रांसफ़र)
💰 लगभग ₹245

✅ डेजोन↔सो-डेजोन के बीच आना-जाना नहीं करना पड़ता
❌ कुल समय ज़्यादा लगता है (लगभग 3 घंटे 30 मिनट – 4 घंटे)

💡 वक़्त से ज़्यादा आराम से ट्रांसफ़र अहम हो तो ये तरीक़ा बेहतर है।

नोनसान स्टेशन → सनशाइन स्टूडियो: टैक्सी 20 मिनट (लगभग ₹880) या लोकल बस 30 मिनट (₹100)

सनशाइन स्टूडियो के पास घूमने की और जगहें

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सनशाइन स्टूडियो + और कहाँ जाएँ?

Nearby Attractions & Day Trip Ideas

सच बोलूँ तो सिर्फ़ सनशाइन स्टूडियो देखकर लौट जाना अफ़सोस वाली बात है।
नोनसान कोई टूरिस्ट शहर नहीं है, इसलिए आसपास की जगहें जोड़ो तभी दिन भरपूर बनेगा।

📍 नज़दीक — गाड़ी से 20–30 मिनट

कांगक्योंग जोटगल मार्केट (Ganggyeong Jeotgal Market)

🚗 लगभग 20 मिनट · कोरिया के टॉप 3 किण्वित सीफ़ूड बाज़ारों में से एक
लंच या डिनर यहाँ करो तो बिल्कुल सही।
पास में सीफ़ूड नूडल्स की अच्छी दुकान भी है।

टैपजोंगहो सस्पेंशन ब्रिज (Tapjeongho Suspension Bridge)

🚗 लगभग 15 मिनट · नोनसान का सबसे मशहूर फ़ोटो स्पॉट
पुल के ऊपर से झील का शानदार नज़ारा मिलता है।

डोनाम सोवोन (Donam Seowon)

🚗 लगभग 20 मिनट · यूनेस्को विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage)
कोरियाई जोसन काल का प्रसिद्ध अकादमिक संस्थान। शांति से टहलने के लिए बढ़िया।

📍 मध्यम दूरी — गाड़ी से 30–50 मिनट

बूयो (Buyeo) — बेकजे साम्राज्य की अंतिम राजधानी

🚗 लगभग 30–40 मिनट
बेकजे सांस्कृतिक पार्क (टिकट ₹380 · लगभग 2 घंटे)
बूसोसान किला · गुंगनामजी तालाब · जोंगनिमसाजी 5 मंज़िला पगोडा
बेकजे इतिहास में रुचि हो तो आधे दिन का ट्रिप ज़रूर करें।

गोंगजू (Gongju) — बेकजे साम्राज्य की दूसरी राजधानी

🚗 लगभग 40–50 मिनट
गोंगसानसोंग किला (टिकट ₹190 · टहलना 1–1.5 घंटे)
मुर्योंग राजा का मक़बरा · गोंगजू राष्ट्रीय संग्रहालय
बूयो के साथ जोड़कर 2 दिन 1 रात का ट्रिप बनाओ तो परफ़ेक्ट।

📍 थोड़ा दूर — गाड़ी से 50 मिनट – 1 घंटा

जोंजू हानोक विलेज (Jeonju Hanok Village)

🚗 लगभग 50 मिनट – 1 घंटा
हानबोक पहनकर फ़ोटो · बिबिंबाप · चोको पाई · माक्गोल्ली
आधा दिन कब बीत जाता है पता नहीं चलता।

⚠️ पास नहीं है। सनशाइन स्टूडियो + जोंजू एक दिन में करना हो तो सुबह जल्दी निकलना होगा। सच कहूँ तो काफ़ी टाइट है, लेकिन नामुमकिन नहीं।

💡 सुझाया कॉम्बो: सुबह सनशाइन स्टूडियो → दोपहर कांगक्योंग मार्केट → शाम बूयो या गोंगजू

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FAQ

Q. घूमने में कितना समय लगता है?

बिना कॉस्ट्यूम रेंटल के घूमो तो 1 घंटे से 1 घंटे 30 मिनट काफ़ी है। कॉस्ट्यूम लो तो 2 से 2 घंटे 30 मिनट। फ़ोटो बहुत खींचते हो तो 3 घंटे भी रख लो।

Q. Mr. Sunshine नहीं देखा तो भी मज़ा आएगा?

हाँ, पूरा मज़ा आएगा। ड्रामा देखा हो तो "अरे ये तो वो सीन है!" वाला मज़ा मिलता है, लेकिन नहीं देखा तो भी 1900 के दशक की कोरियाई सड़कों पर चलना अपने आप में काफ़ी अनोखा अनुभव है। फ़ोटोग्राफ़ी पसंद हो तो ड्रामा न जानो तब भी बहुत संतुष्टि मिलेगी।

Q. कॉस्ट्यूम रेंटल ज़रूरी है क्या?

ज़रूरी नहीं, लेकिन करो तो अनुभव बिल्कुल अलग है। 1900 के दौर की पोशाक रेंटल दूसरी जगहों पर लगभग नहीं मिलती — काफ़ी दुर्लभ है। 2 घंटे के हिसाब से पोशाक+एक्सेसरीज़ सेट लगभग ₹2,000। महिलाओं के कपड़ों में विकल्प ज़्यादा हैं, पुरुषों के थोड़े कम।

Q. पालतू जानवर ले जा सकते हैं?

नहीं। केज या बैग में भी ले जाना मना है।

Q. स्ट्रॉलर लेकर घूम सकते हैं?

ले जा सकते हैं लेकिन सलाह नहीं दूँगा। पत्थर के रास्ते बहुत हैं और कई जगह सीढ़ियाँ हैं — स्ट्रॉलर चलाना मुश्किल है। बच्चे को गोद में या बेबी कैरियर में ले जाना बेहतर।

Q. पार्किंग कहाँ करें?

कई पार्किंग लॉट हैं — पार्किंग 2 या पार्किंग 3 टिकट काउंटर से सबसे नज़दीक है। पार्किंग 1 नाम से लगता है कि नज़दीक होगी लेकिन असल में काउंटर से दूर है। पार्किंग मुफ़्त है।

Q. गर्मी या सर्दी में जाना ठीक है?

बसंत (अप्रैल–मई) और पतझड़ (सितंबर–अक्टूबर) सबसे अच्छा। गर्मियों में छाँव कम है और पत्थर के रास्तों से गर्मी ऊपर आती है — काफ़ी तपता है। छतरी, पानी की बोतल, सनस्क्रीन ज़रूरी है। सर्दियों में ओपन-एयर सेट होने की वजह से हवा बहुत तेज़ चलती है। अंदर की जगहों (ग्लोरी होटल कैफ़े, यांगपुमजोम वग़ैरह) में बीच-बीच में आराम करते हुए घूमो।

Q. सनशाइन लैंड और सनशाइन स्टूडियो अलग-अलग हैं?

सनशाइन लैंड पूरे परिसर का नाम है, जिसके अंदर सनशाइन स्टूडियो (टिकट लगता है), 1950 स्टूडियो (मुफ़्त), मिलिट्री एक्सपीरियंस सेंटर वग़ैरह शामिल हैं। Mr. Sunshine की शूटिंग लोकेशन सनशाइन स्टूडियो ज़ोन में है — सिर्फ़ यहाँ टिकट (वयस्क ₹630) लगता है। 1950 स्टूडियो बिना टिकट घूम सकते हो।

Q. अंदर कैफ़े या रेस्टोरेंट है?

ग्लोरी होटल की दूसरी मंज़िल पर कैफ़े (सनशाइन गाबेजोंग) है। अमेरिकानो, लाते जैसी बेसिक ड्रिंक्स मिलती हैं। खाने का कोई रेस्टोरेंट नहीं है। स्नैक्स या लंच बॉक्स ले जा सकते हो लेकिन कुकिंग इक्विपमेंट से खाना बनाना मना है। दोपहर का खाना बाहर खाकर आना बेहतर है।

Q. अंग्रेज़ी गाइड या साइनबोर्ड हैं?

अलग से अंग्रेज़ी गाइडेड टूर नहीं है। कुछ साइनबोर्ड पर अंग्रेज़ी लिखी है, लेकिन ज़्यादातर कोरियाई में। विदेशी यात्री जो ड्रामा नहीं जानते, उन्हें जाने से पहले Mr. Sunshine की कहानी का सार पढ़ लेना चाहिए — बहुत ज़्यादा मज़ा आएगा।

यह पोस्ट मूल रूप से https://hi-jsb.blog पर प्रकाशित हुई थी।

प्रकाशन तिथि 3 मार्च 2026 को 18:38 बजे
अपडेट तिथि 3 मार्च 2026 को 18:59 बजे